प्रतापगढ़। खाद की कालाबाजारी के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा 26 जनवरी 2026 से प्रतापगढ़ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) का समर्थन मिला। धरने के छठे दिन आरएलपी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सेन एवं निम्बाहेड़ा-छोटी सादड़ी विधानसभा से विधायक प्रत्याशी शंभूलाल जाट धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
बसपा जिला अध्यक्ष कमल मीणा ने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी संविधान में दिए गए अधिकारों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गरीब किसान और मजदूरों से राजनीतिक संरक्षण में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि खाद का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपए होने के बावजूद किसानों से 350 से 450 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में स्थित सहकारी समितियों में समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण कालाबाजारी लगातार बढ़ रही है। आरोप लगाया गया कि जो खाद समितियों में पहुंचनी चाहिए, उसे राजनीतिक रसूखदारों के निजी गोदामों में उतार दिया जाता है।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र की गरीब जनता आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। ऐसी स्थिति में मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले लोगों से खाद की कालाबाजारी कर लूट की जा रही है, जिस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जा रहा है।
धरनार्थियों ने मांग की कि खाद की कालाबाजारी पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।