BREAKING NEWS
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     REPORT : नीमच जिले में खुले बोरवेल से होने वाली.. <<     KHABAR : रतलाम में पहली बार होगा पोरवाल प्रीमियर.. <<     KHABAR : कर्मचारी चयन बोर्ड पर भविष्य से खिलवाड़ का.. <<     'इंजेक्शन लगाते ही टूट गईं सांसें',बक्सवाहा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : देशभक्ति के तरानों से गूंजा टाउन हॉल,.. <<     BIG NEWS : 20 जून के बाद मानसून की एंट्री, प्री-मानसून.. <<     BIG NEWS : पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और हरीश चौधरी.. <<     खरगोन के झिरन्या में खाद संकट, वन अधिकार.. <<     KHABAR : पक्की छत, पक्का भरोसा- खातीखेड़ा में पीएम.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राज्यसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन,.. <<     BIG NEWS : उज्जैन जोन के आईजी बनने के बाद पहली बार.. <<     KHABAR : संकल्प पर्यावरण मित्र संस्था 5 जून को.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     REPORT : सीएमओ दुर्गा बामनिया ने ली स्वच्छता.. <<     KHABAR : गुंदीपाड़ा घटना में कलेक्टर के निर्देशन.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
February 1, 2026, 4:47 pm
NEWS : खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए बसपा के धरने को आरएलपी का समर्थन, प्रतापगढ़ में सियासी एकजुटता, खाद माफिया के खिलाफ उतरे, पढ़े युनूस मंसूरी की खबर 

Share On:-

प्रतापगढ़। खाद की कालाबाजारी के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा 26 जनवरी 2026 से प्रतापगढ़ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) का समर्थन मिला। धरने के छठे दिन आरएलपी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सेन एवं निम्बाहेड़ा-छोटी सादड़ी विधानसभा से विधायक प्रत्याशी शंभूलाल जाट धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

बसपा जिला अध्यक्ष कमल मीणा ने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी संविधान में दिए गए अधिकारों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गरीब किसान और मजदूरों से राजनीतिक संरक्षण में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि खाद का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपए होने के बावजूद किसानों से 350 से 450 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में स्थित सहकारी समितियों में समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण कालाबाजारी लगातार बढ़ रही है। आरोप लगाया गया कि जो खाद समितियों में पहुंचनी चाहिए, उसे राजनीतिक रसूखदारों के निजी गोदामों में उतार दिया जाता है।

धरने में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र की गरीब जनता आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। ऐसी स्थिति में मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले लोगों से खाद की कालाबाजारी कर लूट की जा रही है, जिस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जा रहा है।

धरनार्थियों ने मांग की कि खाद की कालाबाजारी पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE