प्रतापगढ़ । मां-बाड़ी डे-केयर योजना में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सुहागपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षा सहयोगियों ने बताया कि राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्र (T.S.P. एवं माडा क्षेत्र) में वर्ष 2007-08 से मां-बाड़ी डे-केयर योजना संचालित की जा रही है। वर्तमान में लगभग 3006 मां-बाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें करीब 4600 शिक्षा सहयोगी कार्यरत हैं।
शिक्षा सहयोगियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1️⃣ जनजाति ग्राम विकास समिति के अंतर्गत कार्यरत शिक्षा सहयोगियों को वरिष्ठता के आधार पर कैडर निर्धारित करते हुए राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2012 में शामिल किया जाए।
2️⃣ वर्ष 2015 से लंबित 20 प्रतिशत मानदेय वृद्धि लागू की जाए।
3️⃣ मानदेय का भुगतान टी.ए. विभाग के माध्यम से नियमित रूप से किया जाए।
शिक्षा सहयोगियों का कहना है कि बजट सत्र 2026-27 में उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगी कलमबंद हड़ताल जारी रखेंगे।
ज्ञापन सौंपते समयमोहन लाल मीणा लक्ष्मण लाल मीणा धनराज मीणा कैलाश चंद्र मीणा हरिशंकर मीणा नरेंद्र कुमार मीणा गणेश मीणा, रमेश चंद्र मीणा गंगाराम मीणा बड़ी संख्या में शिक्षा सहयोगी उपस्थित रहे और उन्होंने सरकार से शीघ्र न्याय की मांग की।