चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले पिछले तीन दिनों से चल रहा अफीम किसानों का आमरण अनशन और धरना बुधवार को सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने धरना स्थल पहुंचकर किसानों से चर्चा की। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, आबकारी विभाग एवं नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
वार्ता में किसानों की प्रमुख मांग डोडा-चूरा नष्टकरण के आदेश को वापस लेने को लेकर सहमति बनी। किसानों के अनुसार, नष्टकरण संबंधी आदेश फिलहाल समाप्त कर दिया गया है। साथ ही यह तय हुआ कि सरकार और किसानों के बीच मुआवजे पर अंतिम निर्णय होने तक डोडा-चूरा नष्टकरण की कोई कार्रवाई नहीं होगी और इस संबंध में नया आदेश भी जारी नहीं किया जाएगा।
किसानों की अन्य मांगों पर भी विधायक तथा सांसद सी.पी. जोशी के माध्यम से राज्य सरकार से चर्चा कर समाधान निकालने पर सहमति बनी। आबकारी आयुक्त नमित मेहता से भी दूरभाष पर वार्ता कर किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
सहमति बनने के बाद राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी सहित आमरण अनशन पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।
इस दौरान उदयपुर, डूंगला और कपासन सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान नेता और किसान मौजूद रहे। मावली तहसील के किसानों ने आंदोलन के समर्थन में 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। किसानों ने आंदोलन को सफल बताते हुए भविष्य में भी अपनी मांगों के लिए एकजुट और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।