रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित फ्लैटों का बकाया जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई फ्लैटों को सील करना शुरू कर दिया। नगर निगम आयुक्त अनिल भाना के नेतृत्व में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में फ्लैटों से सामान बाहर निकलवाकर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
नगर निगम के अनुसार वर्ष 2019 में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 208 हितग्राहियों को महिलाओं के नाम पर मात्र 20 हजार रुपये की मार्जिन मनी लेकर फ्लैट आवंटित किए गए थे। आवंटियों को शेष 1.80 लाख रुपये जमा कराने थे, लेकिन कई बार नोटिस और सूचना देने के बावजूद अधिकांश लोगों ने राशि जमा नहीं की। आयुक्त अनिल भाना ने बताया कि सरकार को प्रत्येक फ्लैट की लागत लगभग 7 लाख रुपये आई थी, इसके बावजूद हितग्राहियों ने निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया।
कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने टीवी, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए मैकेनिक की भी व्यवस्था की। अधिकारियों ने मौके पर कई हितग्राहियों से बकाया राशि जमा करवाई, जिसके बाद उन्हें बेदखल नहीं किया गया।
इस दौरान पूर्व महापौर पारस सकलेचा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे गरीबों के खिलाफ तानाशाही बताया। विरोध के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
गौरतलब है कि 31 जुलाई को जब नगर निगम की टीम 208 फ्लैटों पर नोटिस चस्पा करने पहुंची थी, तब रहवासियों द्वारा विरोध के दौरान कर्मचारियों और एक पत्रकार के घायल होने की घटना सामने आई थी। इसी को देखते हुए बुधवार की कार्रवाई के दौरान एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी गायत्री सोनी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।