नीमच/मंदसौर। प्रदेश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं और प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल गांधी सागर डैम की सुरक्षा व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन दावों की पड़ताल के लिए वॉइस ऑफ एमपी की टीम मौके पर पहुंची, जहां जमीनी हकीकत ने सुरक्षा इंतजामों में कई चौंकाने वाली खामियों को उजागर किया। मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों की प्रभावी जांच नहीं मिली, सुरक्षा चौकियां जर्जर हालत में दिखीं और संवेदनशील क्षेत्रों तक बिना रोक-टोक पहुंच संभव होने जैसे तथ्य सामने आए, जिससे डैम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए।
मुख्य द्वार से बिना प्रभावी जांच के परिसर में प्रवेश-
वॉईस ऑफ एमपी की टीम जब मौके पर पहुंची तो देखा कि मुख्य प्रवेश द्वार पर कई वाहन बिना प्रभावी जांच के डैम परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। प्रवेश मार्ग पर सुरक्षा चौकी और चेकिंग व्यवस्था तो मौजूद थी, लेकिन मौके पर वाहनों की नियमित जांच या पूछताछ होती नजर नहीं आई। इससे यह सवाल उठने लगा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना की सुरक्षा कितनी प्रभावी है।
जर्जर व बदहाल स्थिति में मिली सुरक्षा चौकी-
डैम परिसर में आगे बढ़ने पर सुरक्षा चौकी जर्जर एवं बदहाल स्थिति में मिली। जिस स्थान से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जानी चाहिए, वहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चौकी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। मौके पर यह भी सामने आया कि पुलिया के नीचे और किनारे बने कुछ खुले रास्तों से कोई भी व्यक्ति आसानी से डैम के गेटों तक पहुंच सकता है। टीम के संवेदनशील क्षेत्र तक पहुंचने के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी द्वारा रोककर पूछताछ या पहचान संबंधी जानकारी नहीं ली गई। इससे सुरक्षा निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हुए।
कुछ हिस्सों में खाली शराब की बोतलें और अन्य अव्यवस्था भी दिखी-
प्रवेश चेक पॉइंट पर वाहन एंट्री रजिस्टर की जांच में भी कई वाहनों की एंट्री दर्ज नहीं मिली। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने संसाधनों की कमी और बैरिकेडिंग व्यवस्था कमजोर होने की बात कही। बातचीत के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ सुरक्षा उपकरण और व्यवस्थाएं लंबे समय से प्रभावित हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर के कुछ हिस्सों में खाली शराब की बोतलें और अन्य अव्यवस्था भी दिखाई दी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि संवेदनशील क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियां भी हो सकती हैं।
संबंधित अधिकारियों ने जानकारी देने से किया इनकार-
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से देने से इनकार करते हुए आवश्यक जानकारी के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से आवेदन करने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं कोई कमी है तो उसे संबंधित विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है।
कांग्रेस ने उठाए डैम की सुरक्षा को लेकर सवाल-
उधर कांग्रेस ने भी गांधी सागर डैम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सुरक्षा के नाम पर खर्च तो किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही हैं। पार्टी ने डैम जैसे संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
प्रदेश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है गांधी सागर-
आपकों बता दें कि गांधी सागर डैम प्रदेश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि यहां प्रवेश नियंत्रण, नियमित जांच, निगरानी व्यवस्था, बैरिकेडिंग और सुरक्षा चौकियों को और अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से समय रहते बचाव किया जा सके।