उन्हेल। नगर परिषद द्वारा मंदिर की जमीन पर बनाई गई 26 दुकानों को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पुराने बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 14 फरवरी 2017 को जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में मदनमोहन मंदिर की भूमि पर केवल अस्थायी बस स्टैंड बनाने की अनुमति दी गई थी तथा स्पष्ट उल्लेख था कि भूमि का व्यवसायिक उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद नगर परिषद ने वहां 26 दुकानें बनाकर उन्हें कथित रूप से ऊंची कीमत पर बेच दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दुकानों के निर्माण में अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही नगर के विकास कार्यों और सार्वजनिक शौचालय में कथित अवैध वसूली के मुद्दे भी उठाए गए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं तराना विधायक महेश परमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष द्वारकाधीश सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके बाद थाना परिसर में थाना प्रभारी और तहसीलदार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
फिलहाल भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में नगर परिषद का पक्ष सामने नहीं आया है। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।