खरगोन। जिले के पाडल्या खुर्द स्थित शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में है। अस्पताल में सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक नर्सिंग स्टाफ पिछले करीब एक वर्ष से बिना किसी लिखित अनुमति के डॉक्टर के शासकीय क्वार्टर में रह रही है और क्वार्टर में अलग बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण अस्पताल के बिजली कनेक्शन से ही बिजली का उपयोग किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में बने डॉक्टर क्वार्टर में आज तक अलग बिजली मीटर नहीं लगाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से इन शासकीय क्वार्टरों में अस्पताल की बिजली का उपयोग किया जाता रहा है। मौके पर संबंधित नर्सिंग स्टाफ ने भी स्वीकार किया कि उनके पास क्वार्टर में रहने का कोई लिखित आदेश नहीं है तथा अलग बिजली मीटर भी नहीं लगा है।
मामले में एक और पहलू तब सामने आया जब अस्पताल परिसर में एक निजी लैब के प्रचार-प्रसार से जुड़े पोस्टर लगे दिखाई दिए। इससे सरकारी अस्पताल परिसर में निजी संस्थाओं के प्रचार को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इस संबंध में किसी अनियमितता की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस मामले पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि अस्पताल के बिजली कनेक्शन का उपयोग केवल अधिकृत शासकीय कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। किसी कर्मचारी को अस्पताल की बिजली का उपयोग निजी आवास या शासकीय क्वार्टर के लिए करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित नर्सिंग स्टाफ को डॉक्टर के क्वार्टर में रहने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।