चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट समिति कक्ष में जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चित्तौड़गढ़ दुर्ग सहित जिले के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास, पर्यटकीय सुविधाओं के विस्तार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलक्टर ने केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की देश योजना के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ दुर्ग में कराए जाने वाले विकास कार्यों एवं पर्यटकीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं शहर के प्रमुख मार्गों पर पर्यटकों के मार्गदर्शन के लिए आकर्षक एवं मानकीकृत साइनेज लगाने, दुर्ग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पर्यटकों से अवैध वसूली करने वाले तथाकथित श्लपकोंश् के विरुद्ध नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दुर्ग क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा।
जिला कलक्टर ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटक ऑनलाइन टिकट प्राप्त कर सकें और टिकट खिड़कियों पर भीड़ कम हो। रामपोल क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में शहर में प्रस्तावित रिवर फ्रंट, चित्तौड़गढ़ फोर्ट फेस्टिवल और दुर्ग मार्ग को हेरिटेज रोड के रूप में विकसित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। यूआईटी और नगर परिषद को शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्ग के पूर्वी छोर स्थित कीर्ति स्तंभ जैन मंदिर एवं सूरजपोल क्षेत्र में फ्लड लाइट लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे कोटा रोड की ओर से भी रात्रि में दुर्ग का आकर्षक दृश्य दिखाई दे सके।
बैठक में मातृकुंडिया, मेनाल, जोगणिया माता एवं श्री सांवलियाजी धाम सहित जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
जिला कलक्टर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारकों एवं दुर्ग क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक ने बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, यूआईटी सचिव कैलाशचंद्र गुर्जर, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र यादव, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विवेक जोशी, एएसआई तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।