मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के “दूध का रकबा बढ़ाने” संबंधी बयान को लेकर मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में कांग्रेस नेताओं ने अनोखे तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के सचिव परशुराम सिसौदिया और ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने खेत में जाकर दूध की थैलियों की ‘बुआई’ कर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दूध की थैलियां खेत में लाकर उनकी बुआई की और इसे मुख्यमंत्री के बयान के विरोध में किया गया प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया। इस अनोखे अंदाज में उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर कटाक्ष किया।
प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसौदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव कभी एक बीघा में 50 क्विंटल गेहूं उत्पादन, कभी गुड़ की खेती और अब दूध का रकबा बढ़ाने जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूध का रकबा नहीं होता, बल्कि गाय, भैंस और बकरी पालन से दूध का उत्पादन होता है।
वहीं ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि किसान पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है और उसे अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है। ऐसे समय में इस तरह के बयान देना किसानों का मजाक उड़ाने जैसा है।
प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस सचिव नागेश्वर चौहान, गोपाल भारती, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह चंगेरी, गणपत पंवार हरमाला, बाबुखा मेवाती, टिंकू बना, श्यामलाल विश्वकर्मा, ममता, चेतना, साबुबाई, कांवेरीबाई, दशरथ, नरेंद्र, जगदीश पडियार, ताराचंद बावरी, पप्पू भाई और शंभूलाल विश्वकर्मा सहित कई कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।