नीमच। शहर की आम जनता के टैक्स से निर्मित नगर पालिका स्विमिंग पूल की मासिक फीस 1000 रुपए तय किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद हारून रशीद कुरैशी ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि कभी बच्चों, छात्रों और आम नागरिकों के लिए उपलब्ध यह सार्वजनिक सुविधा अब महंगी फीस के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उनका कहना है कि किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इतनी राशि खर्च करना कठिन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्विमिंग पूल से कई बच्चों ने खेलों में रुचि लेकर आगे प्रगति की थी, लेकिन वर्तमान फीस संरचना के कारण अब आम परिवार अपने बच्चों को इस सुविधा से दूर होता देख रहे हैं।
पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक संसाधनों का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर देना होता है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में यह सुविधा सीमित वर्ग तक सिमटती नजर आ रही है।
नगर पालिका के इस निर्णय को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है और नागरिकों ने मांग की है कि फीस संरचना पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं सभी वर्गों के लिए सुलभ बनी रहें।