नीमच। पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने कहा है कि नीमच आने वाले एक दशक में मालवा-मेवाड़ क्षेत्र का प्रमुख रेल कनेक्टिविटी हब बन सकता है, लेकिन यह पूरी तरह क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि इंदौर के विकास में वहां के सांसदों, विधायकों तथा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (ताई) के राजनीतिक प्रयासों का बड़ा योगदान रहा है। इसी प्रकार नीमच के विकास के लिए भी निरंतर और प्रभावी प्रयास आवश्यक हैं।
डॉ. जाजू ने कहा कि नीमच मालवा-मेवाड़ क्षेत्र में रेल, सड़क एवं हवाई यातायात के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ने की क्षमता रखता है। केंद्र सरकार द्वारा नीमच को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से कुछ आगामी दो वर्षों में पूर्ण होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रयास तेज किए जाएं तो नीमच-रतलाम-अजमेर रेल लाइन को आगे बढ़ाकर बड़ी सादड़ी, मावली एवं कोटा तक सीधे कनेक्टिविटी संभव हो सकती है, जिससे नीमच एक महत्वपूर्ण रेल जंक्शन के रूप में उभर सकता है।
सड़क एवं हवाई यातायात को लेकर भी उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कई घोषणाएं की गई हैं तथा नीमच में एयरपोर्ट निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है। इसके अलावा कोटा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत है तथा नीमच-गरोठ फोरलेन सड़क की घोषणा भी की जा चुकी है।
डॉ. जाजू ने कहा कि इन सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी, अन्यथा विकास की गति प्रभावित हो सकती है।