नीमच। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार, 9 अप्रैल को जिला कांग्रेस कमेटी नीमच के नेतृत्व में भारत माता चौराहा (फोर जीरो) पर किसानों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
दोपहर 12रू30 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी और दमनकारी रवैया अपनाने के आरोप लगाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीखों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले 23 मार्च से प्रस्तावित खरीदी को कई स्थानों पर 15 अप्रैल तक टाल दिया गया है, जिससे किसान अपनी उपज कम दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर तौल नहीं होने के कारण किसान सहकारी ऋण जमा नहीं कर पाए, जिसके चलते बड़ी संख्या में किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है।
धरने के दौरान पालसोड़ा-भंवरासा क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रभावित किसानों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही फसल बीमा राशि का भुगतान किया गया है।
इसके अलावा नीमच-चीताखेड़ा-जीरन मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर भी प्रदर्शन में आवाज उठाई गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि खराब सड़क के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गेहूं खरीदी तत्काल शुरू करने, डिफॉल्टर किसानों को राहत देने, फसल बीमा और ओलावृष्टि मुआवजा जारी करने तथा सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल चौरसिया, महिला कांग्रेस अध्यक्ष आशा सांभर, सेवा दल अध्यक्ष गजेंद्र यादव, ब्रजेश मित्तल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मन्नू बना सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।