नीमच। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से सभी स्कूलों, कॉलेजों एवं पंचायतों में ‘जल चौपाल’ आयोजित की जाए। जल चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर जनसहभागिता से कार्य प्रारंभ कराया जाए। यह निर्देश कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल चौपाल में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपयंत्री, सचिव एवं अन्य विभागीय मैदानी अमला अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, परियोजना अधिकारी शहरी विकास पराग जैन, सभी जनपद सीईओ सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत चिन्हित 400 जल स्रोतों का गहरीकरण एवं सफाई कार्य जनसहयोग से शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत सभी जल संरक्षण कार्य 15 जून से पूर्व पूर्ण कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
जनपद सीईओ जावद को 275, मनासा को 220 तथा नीमच जनपद को 200 जल संरक्षण कार्य 15 जून से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने गत वर्ष के प्रगतिरत 6 अमृत सरोवरों का कार्य 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही एमआरडीसी द्वारा 8 एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा 12 लोक सरोवरों का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन सरोवरों में जल आवक बाधित है, उसे तत्काल दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी शासकीय विद्यालय जहां बाउंड्रीवाल एवं सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है, वहां पौधारोपण की तैयारी अभी से की जाए। इसी प्रकार आंगनवाड़ी केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों, इकाइयों तथा नवीन सड़क निर्माण परियोजनाओं के अंतर्गत सड़क किनारे दोनों ओर पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए।