नीमच। भारतीय सेना के युवा एवं होनहार अधिकारी मेजर हमजा आरिफ का जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के निकट एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से सैन्य जगत, मध्यप्रदेश सहित बोहरा समाज में शोक की लहर व्याप्त है। वे मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी थे और अपनी प्रतिभा, बहादुरी एवं उत्कृष्ट सेवाओं के बल पर कम उम्र में ही मेजर के पद तक पहुंचे थे। वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने उनके आकस्मिक निधन पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की करते हुए इसे देश और बोहरा समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 जुलाई 2026 की सुबह (गुरुवार देर रात) मेजर हमजा आरिफ दो लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारियों के साथ ड्यूटी पूरी कर निजी एसयूवी वाहन (टाटा सफारी) से जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन लौट रहे थे। इसी दौरान जैसलमेर शहर से कुछ दूरी पर वॉर म्यूजियम क्षेत्र के समीप अचानक सड़क पर एक ऊंट आ जाने से वाहन उससे टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन अनियंत्रित होकर कई बार पलटा और काफी दूरी तक घिसटता चला गया। दुर्घटना में ऊंट की भी मौके पर मौत हो गई।
घटना के बाद तीनों अधिकारियों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकालकर मिलिट्री हॉस्पिटल, जैसलमेर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान मेजर हमजा आरिफ ने अंतिम सांस ली। हादसे में घायल लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ एवं लेफ्टिनेंट आयुष्मान (गुसाईं) का उपचार जारी है।
बताया जा रहा है कि मेजर हमजा आरिफ का विवाह महज एक माह पूर्व ही हुआ था। उनका असामयिक निधन परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। पुलिस एवं सैन्य अधिकारियों द्वारा दुर्घटना की जांच की जा रही है। सैन्य प्रोटोकॉल के तहत उनका पार्थिव शरीर इंदौर लाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने मेजर हमजा आरिफ के निधन पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से बुलंदियों को छू लिया था। उनका निधन देश और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।