रतलाम। नामली थाना क्षेत्र के ग्राम बांगरोद में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी अमित कुमार की टीम ने शनिवार को गोपनीय रूप से ग्राहक बनकर दबिश दी, जिसमें एक रेस्टोरेंट से कांग्रेस नेता सहित 9 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।
इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्षेत्र में पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद अवैध गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने प्रधान आरक्षक राज तोमर को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि चौकी प्रभारी प्रदीप शर्मा पर भी सवाल उठे, लेकिन वे कार्रवाई से बचते नजर आए।
स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि क्षेत्र के विभिन्न स्थानों- स्टेशन रोड, साईं मंदिर क्षेत्र, बांगरोद-कलोरी रोड आदि पर जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही हैं। इन गतिविधियों को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
गौरतलब है कि चौकी प्रभारी प्रदीप शर्मा पर पूर्व में जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी को बचाने के आरोप भी लग चुके हैं, जिसकी शिकायत एसपी को की गई थी। इस मामले की जांच एसडीपीओ को सौंपी गई थी, जो अभी लंबित बताई जा रही है।
वहीं, थाना प्रभारी गायत्री सोनी द्वारा प्रदीप शर्मा को नामली से हटाकर बांगरोद चौकी की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा, जिसके चलते एसपी को स्वयं टीम भेजकर कार्रवाई करनी पड़ रही है।
इस संबंध में थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि क्षेत्र में पूर्व में भी सट्टा पकड़ने की कार्रवाई की गई है और आगे भी सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले ने पुलिस व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।