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April 22, 2026, 5:48 pm
KHABAR : स्काईलार्क कंपनी पर 1.60 करोड़ रुपये बकाया रोकने का आरोप, उप-ठेकेदार ने कलेक्टर से लगाई गुहार, पढे़ अबरार पठान की खबर 

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खरगोन। जिले के कसरावद के ग्राम लेपा में चल रहे इनटेक वेल प्रोजेक्ट पर अब भुगतान विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय उप-ठेकेदार और मुख्य ठेकेदार कंपनी के बीच करीब 1.6 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर टकराव सामने आया है। उप-ठेकेदार ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए काम रुकवाने की अपील की है।


ग्राम लेपा इनटेक वेल प्रोजेक्ट में काम करने वाले बलकवाड़ा निवासी दानिश कंस्ट्रक्शन ने स्काइलार्क इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भी कंपनी ने करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान रोक रखा है।


ग्राफिक्स स्क्रीन डेटा:
अंतिम बिल बकायाः ₹1,12,25,036
अन्य लंबित राशिः ₹48,50,000
कुल बकायाः ₹1,60,75,036
साइट पर मशीनरी और शटरिंग सामग्री रोके जाने का आरोप


दानिश कंस्ट्रक्शन के अशफाक खान का कहना है कि उन्हें उप-ठेकेदार के रूप में काम दिया गया था, लेकिन भुगतान के समय टालमटोल की जा रही है। इतना ही नहीं, कंपनी पर साइट से सामग्री रोकने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं।मामले में एक बड़ा मुद्दा क्षेत्राधिकार का भी है। अनुबंध में कानूनी प्रक्रिया के लिए दिल्ली को निर्धारित किया गया है, जिससे स्थानीय ठेकेदार को न्याय पाने में मुश्किल हो रही है। उप-ठेकेदार का कहना है कि यह शर्त उनके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है।


इस विवाद में म.प्र. जल निगम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि टेंडर शर्तों और ड्राइंग डिजाइन के विपरीत काम कराया गया और विभागीय अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया ।


“यदि कंपनी ने नियमों के खिलाफ उप-ठेकेदार से काम कराया है, तो इसकी जानकारी विभाग को देना जरूरी था। कार्रवाई होना चाहिए।”


फिलहाल, उप-ठेकेदार ने कलेक्टर से मांग की है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होता, तब तक प्रोजेक्ट का काम रोका जाए और मामले की सुनवाई स्थानीय स्तर पर की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद में क्या कदम उठाता है।


भुगतान विवाद से अटका विकास कार्य और जिम्मेदारियों से बचते अधिकारीकृअब सवाल यह है कि इस मामले में समाधान कब और कैसे निकलता है।

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