मंदसौर। जिला कांग्रेस प्रवक्ता राजनारायण लाड़ ने भारतीय जनता पार्टी और उसके अनुषंगी संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि गौ-रक्षा के नाम पर केवल राजनीति की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में करीब 12 वर्षों से और मध्यप्रदेश में दो दशक से भाजपा की सरकार होने के बावजूद न तो कत्लखाने बंद हुए और न ही आवारा पशुओं की समस्या खत्म हुई। आज भी लाखों गौवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई गौशालाओं की स्थिति भी बदहाल है।
लाड़ ने कहा कि भाजपा सरकार को दिखावे के बजाय सख्त कानून बनाकर पारदर्शी व्यवस्था और ठोस नीतियां लागू करनी चाहिए, ताकि वास्तविक रूप से गौ-रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस की कमलनाथ सरकार से सीख लेनी चाहिए, जिसने अपने 15 माह के कार्यकाल में प्रोजेक्ट गौशाला के तहत 1,000 गौशालाएं खोलने का लक्ष्य रखा था। इनमें से लगभग 614 गौशालाएं चालू या निर्माणाधीन थीं, जबकि 955 गौशालाओं का निर्माण प्रारंभ किया गया था। इन गौशालाओं में गायों के चारे के लिए प्रतिदिन 20 रुपये का सरकारी अनुदान निर्धारित किया गया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो फिर यात्राएं और ज्ञापन आखिर किसके खिलाफ दिए जा रहे हैं? क्या यह केवल चुनावी स्टंट है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को जानबूझकर जीवित रखना चाहती है, ताकि चुनाव के समय भावनाएं भड़का कर वोट और चंदा हासिल किया जा सके।