नीमच। जिले के सरवानियाबोर और लोलपुरा क्षेत्र में किसानों के खेतों तक पहुंचने वाले वर्षों पुराने कदीमी रास्ते को बंद किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और रास्ता खुलवाने के साथ-साथ पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दशकों पुराना रास्ता बंद होने से परेशान किसान-
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ग्राम लोलपुरा से सरवानियाबोर की ओर जाने वाला यह कदीमी मार्ग कई दशकों से किसानों के खेतों तक पहुंचने का प्रमुख साधन रहा है। इसी रास्ते से लगभग 50 से 60 किसान ट्रैक्टर, कृषि उपकरण एवं अन्य संसाधनों के साथ अपनी कृषि भूमि तक आवागमन करते हैं।
न्यायालय आदेश के बाद भी बाधा हटाने का आरोप-
किसानों के अनुसार पहले इस रास्ते को जोतकर बंद किया गया था, जिसके बाद मामला तहसीलदार न्यायालय तक पहुंचा। तहसीलदार नीमच ग्रामीण द्वारा मौके का निरीक्षण कर अंतरिम आदेश में रास्ता चालू रखने के निर्देश भी दिए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में अपर कलेक्टर स्तर पर आदेश निरस्त होने के तुरंत बाद विपक्षी पक्ष द्वारा रास्ते में खंभे गाड़ दिए गए तथा वायर फेंसिंग कर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। इसके अलावा ट्रैक्टर से रास्ते को भी क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप है।
धमकियों का भी आरोप-
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि रास्ता बंद करने का विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी गईं, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग-
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि रास्ते से सभी अवरोध तत्काल हटवाए जाएं, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।