चित्तौड़गढ़। भारत के विकास में काम नहीं आ रहे सोने को काम में लेने के लिए सरल व आकर्षक योजना लाने की मांग सहित सोने-चांदी पर 6 से 15 प्रतिशत आयात शुल्क बढ़ाने को सम्पूर्ण सर्राफा इंडस्ट्रीज के संकट पैदा करने वाला बताते हुए को लेकर सर्राफा प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।
किशन पिछोलिया ने लिखे पत्र में बताया कि पीएम द्वारा एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है। इसका मतलब देश में बड़ा संकट है। भारत वर्ष में निष्क्रीय व अनुपयोगी लगभग 40 से 50 हजार टन सोने होने का अनुमान है। जो लगभग 700 लाख से 800 लाख करोड़ रुपये मूल्य का है। इसको उपयोग में लाने की योजना जो आकर्षक व सरल हो जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी होगी तथा चालू खाता घाटा कम करने में भी मदद मिलेगी। अब तक आई सारी योजना फ्लॉप या विफल साबित हुई है।
प्रभावी व आकर्षक योजना लाकर न केवल इस संकट को खत्म कर सकते हैं अपितु स्वर्ण इण्डस्ट्रीज से जुड़े प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष 5 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर जो खतरा है वो भी टलेगा। पहले से ही भाव अत्यधिक होने से स्वर्ण इण्डस्ट्रीज मंदी की मार झेल रही है इस पर आयात शुल्क बढ़ाना ‘‘दुबला के लिए दो आषाढ़’’ वाली कहावत हो रही है। आयात शुल्क बढ़ने से सर्राफा इण्डस्ट्रीज खतरे में आएगी और कई करोड़ों लोगों पर रोजगारी का संकट मंडराएगा। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस इंडस्ट्रीज के लिए सकारात्मक कदम उठाना होगा।