नीमच/मंदसौर। मई की तपती दोपहर ने मालवा अंचल को आग के दरिया में बदल दिया है। नीमच-मंदसौर सहित प्रदेश के कई जिलों में सूरज अंगारे बरसा रहा है और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है, वहीं भीषण लू और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी लू की चपेट में आ गए और उन्हें भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। नीमच में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भी तेज गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है।
डिप्टी सीएम देवड़ा लू की चपेट में-
प्रदेश के कई जिलों में लू का असर इतना तेज है कि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी इसकी चपेट में आ गए। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें लू लगने की शिकायत हुई थी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी-
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम केंद्र भोपाल ने नीमच, मंदसौर, रतलाम सहित प्रदेश के कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
राजगढ़ में 45 और रतलाम में 44.8 डिग्री रिकॉर्ड-
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजगढ़ में 45 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री और कई जिलों में पारा 43 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहर भी तेज गर्मी की चपेट में रहे।
नीमच जिले के अस्पतालों में लगी भीड़-
नीमच जिले में भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में उल्टी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और लू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अधिक पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और जरूरी होने पर ही बाहर जाने की सलाह दी है।
चिकित्सकों ने जारी की एडवाइजरी-
डॉक्टरों ने भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें तथा शरीर में पानी की कमी न होने दें। लगातार पानी पीते रहें और नींबू पानी, छाछ, ओआरएस व फलों के रस का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप से बचाकर रखें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें तथा खाली पेट धूप में बाहर न निकलें। तेज बुखार, चक्कर, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।