रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा रेल दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए गुरुवार-शुक्रवार मध्यरात्रि में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास नागदादृपिपलोदा बागला सेक्शन के समपार फाटक क्रमांक-3 पर किया गया, जहां दुर्घटना राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार मॉक ड्रिल के तहत बीसीएनई लोको क्रमांक 31083 के समपार फाटक से गुजरते समय चारा से भरे मिनी ट्रक से टकराने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। हादसे में ट्रक में सवार 5 मजदूरों के घायल होने का परिदृश्य तैयार किया गया।
रात्रि 12रू16 बजे लोको पायलट द्वारा कंट्रोल को सूचना दी गई, जिसके बाद तुरंत आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया गया। कॉमन बेल और हूटर बजाकर सभी विभागों को अलर्ट किया गया। इसके बाद सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन को रतलाम से रवाना कर घटनास्थल भेजा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। मेडिकल टीम, इंजीनियरिंग, सिग्नल, विद्युत एवं ऑपरेशन विभाग के अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए दुर्घटना प्रबंधन प्रणाली की कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया।
राज्य पुलिस की डायल-112 एवं 108 एम्बुलेंस सेवा भी मौके पर पहुंची, जिससे विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली का सफल परीक्षण किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने कंट्रोल कार्यालय से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत, बेहतर समन्वय और कर्मचारियों की तत्परता सुनिश्चित करना था।