नीमच। नीमच वन मंडल की 92 बीटों में 22 से 24 मई तक आयोजित तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुई। नौतपा की भीषण गर्मी के बावजूद वन विभाग के मैदानी अमले, वन चौकीदारों एवं युवा वॉलेंटियर्स ने जिले के विभिन्न जलस्रोतों एवं पथरीले वन क्षेत्रों में सघन मॉनिटरिंग कर गिद्धों की गणना की।
कुल 285 गिद्ध दर्ज
इस वर्ष नीमच वन मंडल में कुल 285 गिद्ध दर्ज किए गए। रेंजवार आंकड़े इस प्रकार हैं-
नीमच रेंज: 114 गिद्ध (110 इजिप्शियन गिद्ध एवं 4 भारतीय देशी गिद्ध)
रतनगढ़ रेंज: 88 गिद्ध
मनासा रेंज: 49 गिद्ध
रामपुरा रेंज: 34 गिद्ध
रामपुरा में दिखा दुर्लभ ‘राज गिद्ध’
गणना के दौरान रामपुरा रेंज की भदाना उत्तर बीट में अत्यंत दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति रेड हेडेड वल्चर (राज गिद्ध/किंग वल्चर) की उपस्थिति दर्ज की गई। उप वन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड ने बताया कि यह उपस्थिति क्षेत्र के समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र का प्रमाण है।
अधिकारियों के निर्देशन में अभियान सफल
यह गणना जिला वन अधिकारी एसके अटोदे के निर्देशन एवं उप वन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। रामपुरा, रतनगढ़ एवं मनासा के वन परिक्षेत्र अधिकारियों सहित समस्त मैदानी अमले ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
प्रमुख सर्वे स्थल रहे केंद्र बिंदु
चीताखेड़ा चर्मशोधन केंद्र, रामपुरा का पड़पदिया नाला, भदाना उत्तर बीट तथा रतनगढ़-सिंगोली का कोज्या पूर्व क्षेत्र गणना के प्रमुख केंद्र रहे।
युवाओं और विशेषज्ञों की भूमिका अहम
बर्डिंग एक्सपर्ट अक्षय यति ने फोटोग्राफिक साक्ष्य संकलित किए। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर विवेक शर्मा ने “WISE WITH VIVEK” प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभियान का प्रचार-प्रसार किया। विभिन्न युवा वॉलेंटियर्स ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।
भविष्य की योजना में उपयोगी होंगे आंकड़े
वन विभाग ने बताया कि इस गणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य में गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन की रणनीति तैयार करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। विभाग ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वॉलेंटियर्स का आभार व्यक्त किया।