नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “हर हाथ को काम एवं हर खेत को पानी” के संकल्प के साथ प्रदेश में चलाया जा रहा जल गंगा संवर्धन अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। जल संरचनाओं के निर्माण, संरक्षण एवं जीर्णाेद्धार से भू-जल स्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जिला प्रशासन नीमच द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सावन माह में जिला स्तरीय जल चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जन अभियान परिषद द्वारा निकाली गई वृहद जल कलश यात्रा से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि, कलेक्टर, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की। कलश यात्रा ग्राम भ्रमण करते हुए बीसभुजा माता मंदिर परिसर पहुंची, जहां जल चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत शुभारंभ किया गया। सरपंच जितेंद्र कुमार माली एवं ग्रामीणों द्वारा अतिथियों का साफा बांधकर स्वागत किया गया। संचालन महेंद्र गुर्जर ने किया तथा पूर्व सरपंच मान सिंह गुर्जर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सरपंच माली ने आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन नीमच द्वारा जनसहयोग से चलाया जा रहा तालाबों का गहरीकरण अभियान सराहनीय एवं अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को सुविधा के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया है। “हर घर नल से जल” योजना के माध्यम से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। उन्होंने सावन माह में स्टॉप डेम निर्माण हेतु राज्यसभा निधि से राशि स्वीकृत करने की घोषणा भी की।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि जनभागीदारी से किए गए तालाब गहरीकरण कार्यों से जल संरचनाओं की जलभराव क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही किसानों को उनके खेतों के लिए निःशुल्क उपजाऊ मिट्टी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि आगामी वर्षा ऋतु में प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृहद पौधारोपण किया जाएगा तथा स्टॉप डेम एवं चेकडेम निर्माण कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर ने बीसभुजा माता मंदिर के समीप स्थित तालाब के गहरीकरण एवं घाट सफाई कार्य का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।