भोपाल। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने को लेकर एक तरफ कांग्रेस लड़ाई लड़ती रही और हंगामा करती रही। दूसरी तरफ भाजपा के तीनों प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र भी मिल गया। दूसरी तरफ इसके विरोध में कांग्रेस दिल्ली पहुंच गई है। कांग्रेस ने लोकतंत्र का सार्वजनिक चीरहरण बताते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला है। वहीं बीजेपी ने भी कांग्रेस के प्रहार का पलटवार भी किया है।
कांग्रेस ने कहा- सत्ता की हवस में आज हुआ लोकतंत्र का सार्वजनिक चीरहरण
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने कहा कि राजनीतिक दल जब अपराधी की तरह व्यवहार करने लगे तो कोई क्या कर सकता है। प्रशासन मनमानी गुंडागर्दी करने लगे तो भी कोई क्या कर सकता है। फार्म 26 के नियमों को ही नहीं मान रहे हैं। पूरा मामला ब्लैक एंड व्हाइट है, सबके सामने है। लेकिन एक मन बना लिया कि लोकतंत्र का सरेआम चीरहरण करना है और संविधान की पवित्रता को खंडित करना है तो फिर कौन क्या कर सकता है। कांग्रेस कहती है कि आप लिख कर दीजिए कितनी सीट चाहिए। हर जगह आप बहुमत में हैं तब भी आप वोट की चोरी, सीट की चोरी कर रहे हैं। आपकी सीटों की और सत्ता की हवस देश को खत्म कर रही है। सत्ता की हवस लोकतंत्र का चीर हरण कर रही है।
बीजेपी ने कहा- चीरहरण की बात अब वो करेंगे जिन्होंने मीनाक्षी को बताया था टंच माल
कांग्रेस के आरोप पर भाजपा ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता सागर कसेरा ने कहा, ‘चीरहरण की बात वह लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपनी ही प्रत्याशी को टंच माल कह कर संबोधित किया था। जिनका ऐसा काला इतिहास था वो नेकी का पाठ पढ़ा रहे हैं। कई ऐसे मामले हैं जब इन्होंने अपनी ही पार्टी पर कई सवाल उठाए। कांग्रेस में नीति, नीयत, विवेक कुछ नहीं है। कांग्रेस खुद गलती करती है और हम पर आरोप लगाते हैं। आप कई सालों तक सत्ता में रहे तो भी आपको नामांकन के फॉर्म भरना नहीं आया। घर का भेदी आपका और आरोप हम पर। कांग्रेस को अब आत्ममंथन की जरूरत है। बीजेपी संविधान और संवैधानिक अधिकार पर स्थापित होकर काम करती है।
मीनाक्षी पर दिग्विजय ने तोड़ी चुप्पी
मीनाक्षी नटराजन मामले पर दिग्विजय सिंह ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है। कल पीसीसी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय ने चुप्पी साधी थी जिससे कई सवाल भी खड़े हो रहे थे। सियासी गलियारों में नामांकन रद्द मामले को लेकर दिग्विजय की चुप्पी के कई मायने निकाले जा रहे थे। लेकिन अब उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए नामांकन रद्द को गलत बताया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा, जिसकी हमें आशंका थी वही हुआ। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र अवैधानिक रूप से निरस्त कर दिया गया। निर्वाचन आयोग के सामने पूरा पक्ष रखा गया। जब उनके खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं है, थ्प्त् में नाम भी नहीं है। मीनाक्षी नटराजन जैसी शख्सियत जिनमें गांधीवादी विचारधारा और संस्कार है। उनका नामांकन यह कहते हुए निरस्त किया गया कि आपके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज है, जिसे आपने छुपाया। ये घोर आपत्तिजनक है। ऐसे रिटर्निंग अफसर को बर्खास्त करने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा, हमें जो आशंका थी वही हुआ। निर्वाचन आयोग ने कोई फैसला नहीं लिया। सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई कि आज फैसला दें, लेकिन नहीं हुआ। चार बजे निर्वाचन की घोषणा भी हो गई। हम इस चोरी का घोर विरोध करते हैं और इसे पूरे देश में उजागर करेंगे। हम ये लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे और मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर रहेंगे।
इधर कांग्रेस के लगभग सभी विधायक दिल्ली रवाना
भाजपा के प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिलने के बीच कांग्रेस के कई विधायक समेत पूर्व मंत्री दिल्ली पहुंच गए हैं। कांग्रेस इस मामले में बड़े आंदोलन की तैयारी में है। उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगा है। हालांकि अब तक उन्हें समय नहीं मिला है। वहीं कल सुप्रीम कोर्ट में भी मामले को लेकर सुनवाई होगी। सुनवाई और राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर सकती है।