नीमच। कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नीमच जिला लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते जिले ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME-ODOP) में 100 प्रतिशत ऋण स्वीकृति प्राप्त कर नीमच ने मध्यप्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि संरक्षित खेती (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन) के क्लस्टर विकास में जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है।
उप संचालक उद्यानिकी श्री अतरसिंह कन्नौजी ने बताया कि पीएमएफएमई-ओडीओपी योजना के तहत जिले को 134 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध सभी 134 प्रकरण स्वीकृत किए गए तथा 119 इकाइयों की स्थापना भी पूर्ण कर ली गई। जिले के लाभार्थी ‘विश्वकर्मा हाईटेक कृषि फार्म’, ‘कन्नौरी’ और ‘मालवा बाइट्स’ जैसे ब्रांड नामों से उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी विक्रय कर रहे हैं।
संरक्षित खेती में प्रदेश में पहला स्थान-
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत जावद विकासखंड में शेडनेट हाउस क्लस्टर विकसित किया गया। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कुल 41 किसानों को लाभान्वित करते हुए 1 लाख 4 हजार 375 वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित किए गए। इस तकनीक के माध्यम से किसान मात्र 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में खीरा एवं शिमला मिर्च की खेती कर 4 से 5 लाख रुपए तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं। योजना के तहत शेडनेट निर्माण लागत पर 50 प्रतिशत तक अनुदान भी प्रदान किया जाता है।
PMKSY में 624 किसानों को लाभ-
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ घटक के अंतर्गत जिले में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान 612.5 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई। इससे 624 किसानों को लाभ मिला और दोनों वर्षों में निर्धारित लक्ष्य की 100 प्रतिशत पूर्ति की गई।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सफल प्रयास-
जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से नीमच जिला कृषि नवाचार और किसान समृद्धि का प्रदेश में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।