रतलाम। सैलाना में रामद्वारा धाम की संपत्ति बेचने और संत की समाधि तोड़ने के विरोध में गुरुवार को सनातन समाज ने नगर बंद रखा। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर रैली निकाली और घंटाघर चौराहे पर धरना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और जांच का भरोसा दिलाया है।
सनातन समाज का आरोप है कि नगर के बोदिना मार्ग (वार्ड क्रमांक 9) स्थित रामद्वारा आश्रम की करीब 1880 वर्गफीट संपत्ति कथित रूप से बेच दी गई है। इस विवादित सौदे की बकायदा रजिस्ट्री भी हो चुकी है। समाजजनों के मुताबिक, आश्रम परिसर में ब्रह्मलीन संत श्री 1008 निर्मलराम शास्त्री की समाधि थी, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते थे।
आरोप है कि स्थानीय निवासी दिलीप गोड़ ने समाधि को क्षतिग्रस्त कर वहां निजी नर्सिंग कॉलेज और स्कूल का संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही समाधि स्थल तक जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है।
विरोध प्रदर्शन के लिए नगरवासी गुरुवार सुबह चारभुजा नाथ मंदिर (कुमावतपुरा) पर एकत्र हुए थे। यहां से हाथों में भगवा झंडे लेकर श्जय-जय श्री रामश् के उद्घोष के साथ पूरे नगर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली गई। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष तपती धूप में घंटाघर चौराहे पर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए और भजन-कीर्तन करने लगे।
प्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलते ही सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा और एसडीओपी नीलम बघेल तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोपहर तक धरने पर बैठे लोगों से संवाद कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने 8 जून को ही थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपी दिलीप गोड़ के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। लोगों का कहना है कि अब मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सत्संग या भजन करने की कोई जगह नहीं बची है, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावना आहत हुई है।
समाजजनों ने धाम की संपत्तियों के प्रबंधन और आय के उपयोग में पारदर्शिता न होने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूर्व महंत स्व. निर्मल रामजी महाराज के कार्यकाल में रामद्वारा धाम की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित थी और वहां धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते थे।