नीमच। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मनासा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध पंजीयन और अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित दो रेस्टोरेंटों को शटडाउन कर खाद्य सामग्री के निर्माण एवं विक्रय पर रोक लगा दी। कार्रवाई कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश एवं एसडीएम किरण आंजना के मार्गदर्शन में की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी ने बताया कि बरलाई रोड स्थित देशी तड़का रेस्टोरेंट के विरुद्ध बासी भोजन परोसने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त हुई थी। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट में सब्जी, रोटी एवं अन्य खाद्य सामग्री का निर्माण और भंडारण अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में पाया गया। किचन और बर्तन गंदे मिले तथा खाद्य पदार्थों का भंडारण भी मानकों के अनुरूप नहीं था। साथ ही खाद्य पंजीयन वर्ष 2024 में ही समाप्त हो चुका था। टीम ने यहां से लहसुन-प्याज ग्रेवी, मिर्च पाउडर और आटे के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे तथा रेस्टोरेंट को तत्काल शटडाउन कर दिया।
इसके बाद टीम ने रामपुरा रोड फुलपुरा स्थित होटल किंगफिशर का निरीक्षण किया। यहां मटन, मछली, चिकन, अंडा करी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और विक्रय होते पाए गए। किचन में गंदगी, बर्तनों की खराब सफाई तथा खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण की स्थिति मिली। होटल के पास वैध खाद्य पंजीयन भी नहीं था। टीम ने मक्का आटे सहित दो खाद्य नमूने जांच के लिए लिए और होटल का संचालन बंद कर परिसर शटडाउन कराया।
कार्रवाई के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 5 खाद्य नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि बिना पंजीयन खाद्य व्यवसाय संचालित करने तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर अधिकतम 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं कस्बा पटवारी गोपाल भाटी मौजूद रहे।