चित्तौड़गढ़। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, आबकारी विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में जिले को नशामुक्त बनाने, युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी, डोडा पोस्त के विनिष्टीकरण, ट्रामाडोल एवं कोडीन युक्त दवाइयों की अवैध खपत की रोकथाम तथा एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया।
जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सके।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी एवं इससे जुड़े अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान करना भी है।
बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने, वैध अफीम खेती से होने वाले अवैध डायवर्जन की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा अंतरराज्यीय मामलों की जांच प्रगति की समीक्षा भी की गई।
इसके अलावा ट्रामाडोल एवं कोडीन आधारित दवाइयों के दुरुपयोग पर रोक लगाने, भांग के वैध ठेकों पर अवैध गतिविधियों की निगरानी, ड्रग डिटेक्शन किट की आवश्यकता का आकलन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।