रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। एक महिला पुलिसकर्मी का सिर फूट गया। तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। घायल पुलिसकर्मियों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
1700 हेक्टेयर भूमि को लेकर लंबे समय से विरोध
पलसोड़ी सहित आसपास के चार-पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में शामिल की गई है। ग्रामीण लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परियोजना से कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र प्रभावित होंगे तथा विस्थापन का सामना करना पड़ेगा।
सुबह 11 बजे पुलिस बल और मशीनों के साथ पहुंचा प्रशासन
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचे। उनके साथ जेसीबी, बुलडोजर और अन्य मशीनें थीं। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर विरोध करने लगे।
अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी से अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चल रही थी कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए शहर एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, आरआई विक्की ठाकुर और 10 पटवारी मौजूद थे। पुलिस व्यवस्था की कमान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के हाथ में थी। इमरजेंसी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी तैनात थीं।
उनके साथ औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव, माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान सहित करीब 100 पुलिसकर्मी वज्र वाहन के साथ तैनात थे। प्रशासन दो पोकलेन मशीन, दो जेसीबी, पांच डंपर और ट्राले लेकर पहुंचा था।