नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला पशु कल्याण समिति, पशु क्रूरता निवारण समिति एवं जिला गोपालन-गौसंवर्धन समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला पशु चिकित्सालय नीमच में छोटे पशुओं के उपचार के लिए शेड एवं प्लेटफॉर्म निर्माण तथा बड़े पशुओं के लिए ट्रेविस क्षेत्र एवं कास्टिंग एरिया विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसी प्रकार के निर्माण कार्य मनासा स्थित पशु चिकित्सालय में भी कराए जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि पूर्व निर्णय के अनुसार काऊ लिफ्टिंग मशीनें जिले के तीनों विकासखंडों में वितरित कर दी गई हैं, जिनका पशुपालकों को लाभ मिल रहा है।
श्वान नसबंदी कार्यक्रम के अंतर्गत एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) योजना को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश नगरीय निकाय नीमच को दिए गए। इसके तहत श्वानों की नसबंदी की दर 1,700 रुपये प्रति ऑपरेशन निर्धारित की गई है।
निराश्रित गौवंश प्रबंधन को लेकर कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों से गौवंश को गौशालाओं में स्थानांतरित करने की कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला से पशु वापस लेने के लिए 2,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री गौशाला योजना के तहत निर्मित लेकिन वर्तमान में असंचालित गौशालाओं के संचालन पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने उप संचालक पशुपालन को बिजली एवं पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए नए प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि सीएसआर एवं अन्य मदों से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर गौशालाओं का संचालन शुरू किया जा सके।
कलेक्टर ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी गौशालाओं में कीचड़ मुक्त व्यवस्था, नियमित टीकाकरण एवं पशुओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।