नीमच। समाज से बाल विवाह एवं बाल सगाई जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। साथ ही स्कूल छोड़ चुके प्रत्येक बालक-बालिका को पुनः शिक्षा से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जिला बाल कल्याण एवं बाल संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए कि जिले में बाल विवाह एवं बाल सगाई की रोकथाम के लिए गांव-गांव जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि शाला त्यागी बालक-बालिकाओं की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान तिमाही में जिले में 8 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। इसके अलावा बाल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल अधिकारों से संबंधित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने आगामी एक वर्ष के लिए प्रस्तावित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में बाल संरक्षण, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।