कटनी। जिले के ग्राम खिरवा नंबर 1 में दलित और आदिवासी परिवारों का पुश्तैनी रास्ता बंद करने और विरोध करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में पीड़ित ग्रामीण और महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों ने एसपी अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और बंद रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है।
ट्रैक्टर से मेड़ बनाकर बंद किया आवागमन का रास्ता
एसपी कार्यालय पहुंचे फुटहा टोला, आदिवासी मोहल्ला, नई बस्ती और चहला टोला के निवासियों ने बताया कि उनका बरसों पुराना पुश्तैनी रास्ता जंगल से लगी सरकारी जमीन से होकर गुजरता है।
आरोप है कि बीते 12 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे गांव के सुनील सिंह, संजय सिंह, गोलू कोल और उनके साथियों ने ट्रैक्टर लेकर इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया। दबंगों ने वहां बने सार्वजनिक देवी स्थापना पंडाल को तोड़ दिया और करीब 7 साल पुराना बरगद का पेड़ भी उखाड़ फेंका।
इसके बाद मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर से मेड़ बनाकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया।
विरोध करने पर महिलाओं को पीटा
ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने रास्ता रोकने का विरोध किया, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्रता की। मना करने पर आरोपियों ने घर की महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की।
दबंगों ने ग्रामीणों को धमकी दी है कि यदि कोई भी दोबारा इस रास्ते से गांव की तरफ आया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद से पूरा मोहल्ला दहशत में है और ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
अवैध शराब बेचने और बाहरी तत्वों को बसाने का आरोप
पीड़ितों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उक्त आरोपियों ने अपनी जमीन पर कुछ बाहरी संदिग्ध तत्वों को बसा रखा है, जो इलाके में अवैध शराब बेचते हैं और आए दिन विवाद कर गांव का माहौल खराब करते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दिन 12 जुलाई को ही विजयराघवगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई उचित कदम न उठाए जाने के कारण उन्हें जिला मुख्यालय आकर एसपी की शरण लेनी पड़ी।
डीएसपी ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीणों ने बंद रास्ता तुरंत बहाल कराने और आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की है। इस पूरे मामले में डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत प्राप्त हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।