भोपाल। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच परियोजना से प्रभावित और विस्थापित ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े विस्थापन, मुआवजे और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को राहुल गांधी के सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के चलते कई परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ा है और वे लंबे समय से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों और समस्याओं को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी को अपनी स्थिति से अवगत कराते हुए प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद प्रभावित ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों को राजनीतिक स्तर पर भी मजबूती मिलेगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर पहले से ही प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापन और मुआवजे का मुद्दा चर्चा में रहा है।
विरोध में हुआ था आंदोलन
केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और अनोखा ‘चिता व जल सत्याग्रह’ किया जा रहा है। जुलाई 2026 में छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी में यह आंदोलन तब चर्चा में आया जब प्रदर्शनकारियों ने गले में फंदे और प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटकर न्याय की गुहार लगाई, जिसे 19 जुलाई 2026 को पुलिस ने बलपूर्वक समाप्त कर दिया गया।