सिंगरौली। चितरंगी में बुधवार को आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान 12 छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने चक्कर आने और कमजोरी की शिकायत की। एक छात्रा को सांस लेने में परेशानी होने पर उसे ऑक्सीजन भी लगानी पड़ी। सभी बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के बाद करीब एक घंटे में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
तिरंगा यात्रा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह भी मौजूद थीं। यात्रा सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई और लगभग साढ़े 11 बजे समाप्त हुई। इसमें सांदीपनि विद्यालय, सरस्वती विद्यालय, एक्सीलेंस स्कूल समेत 8 स्कूलों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
छात्रों ने लगाया पानी-नाश्ता नहीं मिलने का आरोप
11वीं कक्षा के छात्र मनोज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कई छात्र करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर चितरंगी बाजार पहुंचे थे। इसके बाद मंत्री के इंतजार में उन्हें लगभग एक घंटे तक धूप और उमस में खड़ा रहना पड़ा। छात्रों का कहना है कि इस दौरान पर्याप्त पानी और नाश्ते की व्यवस्था नहीं थी।
मनोज के अनुसार, यात्रा शुरू होने के बाद कुछ छात्राएं चक्कर खाकर गिरने लगीं और कई अन्य विद्यार्थियों ने भी तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद शिक्षकों ने ऑटो की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में बच्चों को पानी और बिस्किट दिए गए।
मंत्री ने कहा- धूप की वजह से बिगड़ी तबीयत
राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि धूप काफी तेज थी और बच्चे पैदल यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। उनके अनुसार, रास्ते में कई जगह पानी की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि तेज धूप में पानी पीने के कारण कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी। मंत्री ने किसी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं।
DEO ने SDM को बताया नोडल अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने बताया कि तिरंगा यात्राओं के लिए स्थानीय एसडीएम मान सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया था। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी केवल बच्चों को यात्रा में भेजने की थी। वहीं एसडीएम मान सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरिशंकर बस ने बताया कि 12 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। सभी का उपचार किया गया और करीब एक घंटे बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि एक छात्र की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री थी, जिसके चलते उसे ऑक्सीजन देनी पड़ी।