चित्तौड़गढ़। जिले में 11 अगस्त को हुई अत्यधिक बारिश के मद्देनजर विद्यार्थियों, बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने सभी उपखंड अधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यधिक बारिश के कारण सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव अथवा सुरक्षा संबंधी जोखिम की संभावना को देखते हुए तत्काल निरीक्षण किया जाए और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
छतों से पानी की तत्काल निकासी-
सभी सरकारी भवनों, विशेषकर विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य केंद्रों की छतों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कहीं जलभराव न हो। पानी जमा पाए जाने पर उसकी तत्काल निकासी की व्यवस्था की जाए।
जर्जर भवनों में प्रवेश पर रोक-
जलभराव, सीलन या ड्रेनेज बाधित होने से क्षतिग्रस्त भवन, छत अथवा बाउंड्रीवॉल का तत्काल चिन्हीकरण किया जाए। जर्जर एवं असुरक्षित भवनों में बच्चों और आमजन का प्रवेश रोका जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
खुले तार और जलभराव वाले स्थानों पर निगरानी-
सरकारी परिसरों एवं सार्वजनिक स्थानों के आसपास खुले विद्युत तार, जलभराव वाले गड्ढों और जर्जर संरचनाओं को चिन्हित कर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
नदी-नालों और पुलियाओं पर विशेष सावधानी-
जिन मार्गों, पुलों अथवा पुलियाओं पर तेज बहाव या जलभराव हो, वहां आवश्यकता के अनुसार आवागमन बंद कर सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग से यातायात डायवर्ट किया जाए। ऐसे स्थानों पर पैदल आवागमन भी प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर-
विद्युत विभाग को सरकारी परिसरों एवं विद्युत पोलों पर खुले या ढीले तार नहीं रहने तथा ट्रांसफार्मरों की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत करंट फैलने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दिशा-निर्देशों की गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर अन्य संभावित जोखिमों को भी चिन्हित करते हुए समय रहते आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।