नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की प्रगति की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का प्रशिक्षण अगस्त माह में शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। इसके बाद सितंबर में तहसील स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। बाल विवाह की रोकथाम के लिए संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष टीमें गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बाल विवाह रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा, शाला त्यागी बालिकाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने, लिंगानुपात में सुधार तथा बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से शाला त्यागी बालिकाओं को जीवन कौशल प्रशिक्षण देने तथा उन्हें आईटीआई एवं ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।
बालिकाओं को मिलेगा सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण-
कलेक्टर ने बच्चों एवं बालिकाओं के लिए सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ‘अपराजिता’ कार्यक्रम के तहत 4 से 18 वर्ष तक की बालिकाओं को प्रत्येक माह मार्शल आर्ट प्रशिक्षण दिलाने को कहा गया। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला योजना समन्वयक को महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
100 बालिकाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य-
बालिकाओं के वोकेशनल प्रशिक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था करते हुए आगामी तीन माह में 100 बालिकाओं को रोजगार एवं 100 बालिकाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। कलेक्टर ने ‘पंख अभियान’ के तहत महिलाओं के प्रशिक्षण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अगली बैठक से पहले सभी योजनाओं में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े मामलों में विभागीय समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निरंतर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के साथ ‘एक पेड़ बेटी के नाम’ अभियान के तहत जिले में पौधारोपण गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।