नीमच। मध्यप्रदेश सरकार की संत रविदास स्वरोजगार योजना अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है। योजना से लाभान्वित होकर नीमच जिले के ग्राम मेलानखेड़ा निवासी मनोहरलाल पिता फकीरचंद ने किराना दुकान शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
मनोहरलाल ने स्वरोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से जिला अंत्यावसायी कार्यालय से संपर्क कर किराना दुकान के लिए आवेदन किया। उनके आवेदन पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, जावद शाखा द्वारा 2 लाख 25 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। ऋण राशि का उपयोग कर उन्होंने गांव में किराना दुकान स्थापित की और व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
आज मनोहरलाल अपनी किराना दुकान से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ स्वाभिमानपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं।
मनोहरलाल बताते हैं कि संत रविदास स्वरोजगार योजना उनके लिए आत्मनिर्भरता का माध्यम बनी है। योजना के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग से वे अपना व्यवसाय स्थापित कर सके। उन्होंने स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध-
संत रविदास स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राही विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। योजना के माध्यम से हितग्राहियों को बैंक ऋण के साथ निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता एवं मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।