गरोठ। हरियाली अमावस्या के अवसर पर पोलाडोंगर महादेव मंदिर में एक दिवसीय मेले का आयोजन हुआ। सावन मास में हरियाली अमावस्या पड़ने से पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए गरोठ क्षेत्र सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
गुफा में विराजित है प्राचीन शिवलिंग-
पहाड़ी पर स्थित पोलाडोंगर महादेव मंदिर की गुफा में प्राचीन शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि यह शिवलिंग अत्यंत प्राचीन है। पूरी पहाड़ी पर कई छोटी-बड़ी गुफाएं होने के कारण इस स्थान को पोलाडोंगर के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालुओं में मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पांडवों से जुड़ी है मान्यता-
स्थानीय लोगों के अनुसार पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां एक रात विश्राम किया था। इसी मान्यता के चलते पोलाडोंगर महादेव क्षेत्र का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। हरियाली अमावस्या पर शिवलिंग का जलाभिषेक करना विशेष शुभ माना जाता है।
मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़-
मेले में गरोठ सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद लोगों ने मेले का आनंद लिया। बच्चों के लिए झूले, खिलौनों की दुकानें तथा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, खान-पान और स्थानीय सामान की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं।
गुफा के भीतर प्राकृतिक रूप से ठंडा वातावरण, प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और बाहर मेले की चहल-पहल पोलाडोंगर महादेव मेले की खास पहचान रही। पूरे क्षेत्र में दिनभर भगवान शिव के जयकारों के साथ भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।