मनासा। सनातन धर्म, संस्कार एवं श्रीहनुमानजी के प्रति आस्था के चलते तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग का लाभ लिया।
मनासा सनातन समाज के विभिन्न वर्गों में समरसता, सद्भाव एवं एकता की भावना जागृत करने तथा धर्मानुसार आचरण के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के विद्वान, युवा रामराष्ट्र आराधक एवं साहित्याचार्य संत श्री चेतनरामजी की प्रेरणा से सनातन सत्संग मंडल द्वारा प्रत्येक मंगलवार श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 99वीं कड़ी का आयोजन किया गया। पाठ के लाभार्थी श्री घनश्यामजी सारड़ा परिवार रहे।
सत्संग के प्रारंभ में लाभार्थी सारड़ा परिवार के सत्यनारायण सारड़ा, रामनारायण सारड़ा, राकेश सारड़ा, पुनीत सारड़ा, राजेश सारड़ा, रामप्रकाश मंत्री, गोविंद बाहेती (तिरंगा) एवं नरेंद्र सोढ़ानी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने श्रीहनुमानजी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ। क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने अपने भजन ‘हे दुख भंजन मारुति नंदन’ के माध्यम से श्रीहनुमानजी की स्तुति की। वहीं राजकुमार मारू ने मालवा-मेवाड़ के धार्मिक समागमों में लोकप्रिय लावणी ‘हेलो हुणजे रे मारा रूप चतुरभुज भाला वारा रे’ प्रस्तुत कर श्री चारभुजाजी की आराधना की और श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
गोपाल राठौर ने पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव के विवाहोत्सव को भजन के माध्यम से प्रस्तुत किया। सत्यनारायण सोनी ने भगवान भोलेनाथ की शरणागति पर आधारित भजन प्रस्तुत किया, जबकि प्रकाश छत्ताणी ने उत्साहपूर्ण भजन के माध्यम से श्रीहनुमानजी की स्वामीभक्ति का गुणगान किया। इस अवसर पर कमल विजयवर्गीय, राकेश सारड़ा, ज्योति सारड़ा, नवीन श्रीवास्तव एवं ओम सोनी सहित अन्य ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
18 अगस्त को होगा 100वां पाठ-
सनातन सत्संग मंडल ने तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं लाभार्थी सारड़ा परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। मंडल की ओर से आगामी 100वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में 18 अगस्त, मंगलवार को रात 8.30 बजे सपरिवार उपस्थित होने का आग्रह किया गया।