ग्वालियर। मंदिरों में बुधवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और भजनों से गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। हिंदू धर्म में हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। सावन मास में पड़ने वाली यह अमावस्या भगवान शिव की आराधना के साथ प्रकृति और हरियाली की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सुबह से मंदिरों के बाहर लंबी कतारें
इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भगवान शिव का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक किया। उन्होंने बेलपत्र, पुष्प और फल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों समेत अन्य देवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।
महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों में दर्शन किए और जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी किया।
श्रद्धालओं ने लिए पौधे लगाने का संकल्प
हरियाली अमावस्या पर प्रकृति संरक्षण का भी विशेष संदेश दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पौधरोपण और पेड़-पौधों की सेवा करने से पुण्य मिलता है। इसी कारण कई श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी रहा। शाम को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे शहर में हरियाली अमावस्या को लेकर धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखा गया।