उज्जैन। धार्मिक और कालगणना की नगरी उज्जैन के प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में वैदिक पंचांग के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। वर्ष 1947 में आजादी के समय श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। इसी परंपरा के तहत व्यास परिवार ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया।
आयोजन के तहत पंडितों ने ढोल-ताशों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से माहौल देशभक्तिमय हो गया। तिरंगा यात्रा मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से ध्वजारोहण किया गया और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षत व्यास ने बताया कि उनके दादा पद्मभूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास ने आजादी के समय पत्र के माध्यम से डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू को स्वतंत्रता प्राप्ति का शुभ मुहूर्त बताया था। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बड़े गणेश मंदिर में वैदिक तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के आह्वान पर स्थापित बड़े गणेश मंदिर का स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ाव रहा है। मान्यता के अनुसार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे क्रांतिकारी भी यहां शरण ले चुके हैं।
पंडित अक्षत व्यास ने कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय पर्वों को अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखों के बजाय वैदिक तिथियों के आधार पर मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया।