भोपाल। प्रदेश के शिक्षकों और छात्रों से कहा गया है कि वे उफनते नदी नाले पार नहीं करें। खासतौर पर शिक्षकों से कहा गया है कि ई-अटेंडेंस के चक्कर में उफनते नदी-नाले पार करने के बजाय इसकी जानकारी विद्यालय के प्राचार्य और संकुल प्राचार्य को दें।
सामान्य दिनों में ई-अटेंडेंस सुबह 10.30 तक लगाना होगा। इसमें 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा, लेकिन इसे आदतन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लोक शिक्षण आयुक्त ने यह निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली गई बैठक में आयुक्त सिंह ने कहा है कि ई-अटेंडेंस को लेकर किसी तरह की लापरवाही से वेतन कट सकता है।
इसलिए शिक्षकों, लोकसेवकों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर विद्यालय में उपस्थित हों और पठन पाठन के कार्य में शामिल हों। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दिए ताजा निर्देश में आयुक्त ने कहा है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को प्रतिदिन प्रातः 10.30 बजे से पूर्व संस्था में उपस्थित होना है।
यहां बता दें लोक शिक्षण आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को विभाग के कर्मचारियों, अफसरों को यह सूचना दी गई थी कि अब सुबह 10.30 बजे तक ई अटेंडेंस लगाना होगी, हालांकि सोमवार को सुबह 11 बजे तक शिक्षकों, कर्मचारियों की अटेंडेंस लगती रही थी। इससे सबसे अधिक दिक्कत शहरों में रहकर गांवों में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को हो रही है।
ग्रामीण शिक्षकों को आवास, सुरक्षित आवागमन की सुविधा दे सरकार
उधर ई-अटेंडेंस लगाने के लिए रोज बदले जा रहे टाइमिंग को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा है कि ई अटेंडेंस की अनिवार्यता से पहले सरकार ग्रामीण शिक्षकों को सुविधाएं दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों से ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता लागू करने से पहले सरकार को उनके आवास, सुरक्षित आवागमन तथा विशेष ग्रामीण भत्ता जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
जहां शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं, वहां उनकी वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षकों पर नियम नहीं, पहले सुविधाएं लागू हों।
कमिश्नर बोले, उफनते नदी नाले पार न करें टीचर, स्टूडेंट
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा है कि बारिश के दौरान उफनते नदी नाले पार करके न तो टीचर्स को और न ही स्टूडेंट्स को स्कूल जाना है। टीचर ऐसी स्थिति आने पर इसे अपने संकुल प्राचार्य और प्राचार्य को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये जानकारी देंगे।
इसे कंसीडर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग मीटिंग में उन्होंने टीचर्स के स्कूल आने के टाइमिंग की जानकारी ली है। मंदसौर समेत कुछ जिलों में डीईओ के द्वारा गलत टाइम कोट किए जाने का मामला सामने आया है, उसे सुधारा जाएगा।