चित्तौड़गढ़। जिले के अफीम किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की ओर से गुरुवार, 13 अगस्त को चित्तौड़गढ़ कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इसमें उप नारकोटिक्स आयुक्त, कोटा किसानों की समस्याएं सीधे सुनेंगे।
जनसुनवाई में निम्बाहेड़ा, कपासन और भदेसर तहसील के अफीम किसान शामिल हो सकेंगे। किसान लाइसेंस, पात्रता, माप-जोख, खेती से जुड़ी समस्याओं और अन्य लंबित मामलों की शिकायत सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। किसानों को किसी मध्यस्थ के बिना अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
लाइसेंस से माप-जोख तक की शिकायत रख सकेंगे
अफीम की खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को जनसुनवाई में रखा जा सकेगा। लाइसेंस से संबंधित परेशानी, पात्रता को लेकर सवाल, माप-जोख में विवाद या खेती से जुड़ा कोई अन्य मामला होने पर किसान अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी समस्या से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। इससे अधिकारियों को मामले को समझने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने में आसानी होगी। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव होगा, उनमें तत्काल कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बार-बार कार्यालय जाने से मिलेगी राहत
सीबीएन के अनुसार जनसुनवाई का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका जल्द समाधान करना है। इससे किसानों को छोटी-छोटी शिकायतों के लिए बार-बार कार्यालय आने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही उन्हें अपनी समस्या से जुड़े नियमों और आगे की प्रक्रिया की जानकारी भी अधिकारियों से सीधे मिल सकेगी।
तीनों तहसीलों के किसानों से पहुंचने की अपील
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने निम्बाहेड़ा, कपासन और भदेसर तहसील के संबंधित अफीम किसानों से अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि जिन किसानों की कोई शिकायत या मामला लंबित है, वे निर्धारित समय पर पहुंचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखें।
सीबीएन का मानना है कि किसानों और विभाग के बीच सीधा संवाद होने से कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान संभव होगा। इससे मामलों के जल्द निस्तारण के साथ विभागीय कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।