BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही कैलाशी बाई सेन, परिवार में शोक.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले गरोठ में प्रशासन की.. <<     KHABAR : रोशनी के पर्व पर नीमच के प्रशासनिक मुखिया.. <<     BIG NEWS : नीमच में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी.. <<     KHABAR : दीपावली पर्व को लेकर शाजापुर पुलिस पूरी.. <<     KHABAR : मुरैना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक.. <<     KHABAR : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में.. <<     KHABAR : दीपों के महापर्व पर जनप्रतिनिधियों का.. <<     KHABAR : स्वामित्व अभिलेख पंजीयन में शत-प्रतिशत.. <<     KHABAR : ​​​​​​​धनतेरस और दीपोत्सव पर प्रभारी.. <<     BIG NEWS : टीएल में पहुंची शिकायत तो हरकत में आया.. <<     KHABAR : मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का.. <<     त्योहारों से पहले देवास में मिलावटखोरों पर.. <<     KHABAR : धनतेरस पर दमका बाजार, ग्राहकों से गुलजार.. <<     KHABAR : मुरार जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाई.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 12, 2026, 2:29 pm
BIG NEWS : सेहत के लिए खतरनाक एनालॉग पनीर पर एमपी में भी बैन, सीएम ने उत्पादन-बिक्री पर रोक के दिए निर्देश, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री निवास पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए।


एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। कम कीमत होने के कारण बाजार में इसकी खपत बढ़ने की बात सामने आई है।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा और प्राकृतिक तरीके से ही पनीर तैयार किया जाएगा।


रोज 300 से 400 क्विंटल खपत का अनुमान
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल यानी 900 से 1200 टन तक इसकी खपत होने की बात सामने आई है। बड़ी मात्रा में बिक्री के अनुमान को देखते हुए सरकार ने इस पर सख्ती का निर्णय लिया है।


मानवाधिकार आयोग ने भी जताई चिंता
एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी चिंता जताई है। आयोग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से जानकारी मांगने की तैयारी में है। आयोग की ओर से इस तरह के उत्पाद की बिक्री और इसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर राज्यों से जवाब मांगा जा सकता है।


आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने एनालॉग पनीर को गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को नोटिस देकर पूछा जा रहा है कि इस तरह के उत्पाद की बिक्री की अनुमति क्यों दी जा रही है।


कानूनगो ने यह भी कहा कि केवल एरोबिक स्टॉर्च टेस्ट के आधार पर एनालॉग पनीर की पहचान नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि जब महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाया है, तो अन्य राज्यों को भी लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।


सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE