भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा में बच्चों की मौत पर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 11 आदिवासी बच्चों की मौत का दावा करते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे लेकर सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र भी लिखा हैं। दिग्विजय ने सहायता राशि देने और लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई की मांग की हैं। भौगोलिकसंदर्भ
एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बालाघाट के बिरसा में बच्चों की मौत पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने आदिवासी ब्लॉक बिरसा में बच्चों की मौत और बीमारी को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। दिग्विजय ने 11 आदिवासी बच्चों की मौत का दावा किया। जिला प्रशासन की ओर से 7 बच्चों की मौत की पुष्टि होने और 4 मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। दिग्गी ने कहा कि बालाघाट जिला अस्पताल में 100 से अधिक बच्चे भर्ती है, 40-50 बच्चों की हालत गंभीर होने का दावा किया है।
दिग्विजय सिंह ने दूषित पानी और संक्रमण से मलेरिया, निमोनिया, तेज बुखार, सर्दी-खांसी और चर्म रोग फैलने की बात कही है। प्रभावित गांवों में तत्काल मेडिकल कैंप और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजने की मांग की है। गंभीर बीमार बच्चों को एयरलिफ्ट कर नागपुर, रायपुर या भोपाल में इलाज कराने की मांग भी की है।
साथ ही मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि देने और मामले की राज्य स्तरीय जांच कर लापरवाही के दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। दिग्विजय सिंह ने ‘हर घर नल से जल’ योजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ जनविश्वास अभियान, दूसरी तरफ आदिवासी क्षेत्रों में दूषित पानी से बच्चों की मौत, यह गंभीर लापरवाही है।