कंजार्डा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के केंद्र कंजार्डा में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर भगवान चारभुजा नाथ की भव्य शोभायात्रा (चल समारोह) हर्षाेल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ निकाली गई। इस दौरान पूरा पठार क्षेत्र भगवान चारभुजा नाथ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान के दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
प्रातः 10 बजे भगवान चारभुजा नाथ के मुख्य मंदिर से गाजे-बाजे के साथ चल समारोह प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा में 11 ढोल, बैंड एवं डीजे की भक्तिमय धुनों पर श्रद्धालु झूमते और जयकारे लगाते नजर आए। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ के आगे फूलों की चादर बिछाकर अपनी श्रद्धा प्रकट की। बारिश के बावजूद युवाओं और श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
पठार क्षेत्र में उत्सव का माहौल, घर-घर बने मालपुए-
हरियाली अमावस्या के अवसर पर पठार क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह रहा। पर्व को लेकर गांव के घर-घर में पारंपरिक मालपुए बनाए गए और लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजन में स्थानीय उत्सव समिति, ग्रामीणों एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए तहसीलदार भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सुरक्षा के बीच धार्मिक सौहार्द एवं उत्साह के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
एक पुलिया के सहारे आवागमन, श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
वहीं, ‘गांव चलो अभियान’ के दौरान ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष क्षेत्र में वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था की मांग रखी थी। इसके बावजूद अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से हरियाली अमावस्या के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं एवं वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एकमात्र पुलिया से आवागमन होने के कारण यहां वाहनों का दबाव बढ़ गया और लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हुईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक मार्ग या अतिरिक्त पुलिया की व्यवस्था करने की मांग की है।