नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पंख अभियान के अंतर्गत बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण तथा बांछड़ा समुदाय के परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, बाल विवाह की रोकथाम, सुरक्षा, लैंगिक समानता एवं अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्हें शिक्षा जारी रखने तथा कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
शासकीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश-
कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि पंख अभियान के तहत बांछड़ा समुदाय के परिवारों को शासकीय योजनाओं, कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। पात्र परिवारों को चिन्हित कर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
उन्होंने बांछड़ा बाहुल्य बसाहटों में विभागवार लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग को नए केसीसी प्रकरण स्वीकृत करने तथा पशुपालन विभाग को पात्र हितग्राहियों को केसीसी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को इस वर्ष 200 केसीसी जारी करने तथा अन्य ऋण श्रेणी में 15 लाख रुपए के ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया।
स्वरोजगार के लिए निर्धारित किए लक्ष्य-
उद्यानिकी विभाग को वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत 15 प्रकरण तैयार कर स्वीकृत कराने का लक्ष्य दिया गया। अंत्यावसायी विभाग को संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्वरोजगार योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने तथा बांछड़ा समुदाय की महिलाओं एवं पुरुषों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उन्होंने 25 महिलाओं को रोजगार एवं 50 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया।
योजनाओं में शत-प्रतिशत कवरेज पर जोर-
कलेक्टर ने आचार्य विद्यासागर योजना, बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना में पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए आगामी तीन माह में बांछड़ा बाहुल्य ग्रामों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा संवाद, परामर्श एवं आवश्यक सहयोग के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा गया। आरसेटी को इन क्षेत्रों में समय-समय पर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि पंख अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं सामाजिक जागरूकता के माध्यम से बांछड़ा समुदाय के परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है। सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर अभियान के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करें।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर श्रुति भयड़िया, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।