मंदसौर। मंदसौर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की 108वीं वार्षिक साधारण सभा विगत दिवस कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सभा में मंदसौर एवं नीमच जिले की सदस्य सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
सभा के प्रारंभ में बैंक प्रशासक एवं कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने कहा कि बैंक का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसे आगे भी बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवाएं बैंक की प्राथमिकता रहेंगी। किसानों को सरल एवं बेहतर कृषि ऋण उपलब्ध कराने के साथ सहकारिता के माध्यम से ‘एक ग्राम, एक उद्यम’ की दिशा में कार्य किया जाएगा। कृषि उपज से उत्पाद निर्माण, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ एग्रो-बेस्ड उद्योगों के वित्त पोषण से क्षेत्र में कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऋण केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का सृजन भी होता है। किसानों की आय में वृद्धि के लक्ष्य को पूरा करने में सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ऋण वसूली, वित्तीय अनुशासन, साइबर सुरक्षा और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों का विश्वास बैंक की सबसे बड़ी ताकत है तथा बैंक को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
11.20 करोड़ का लाभ अर्जित
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कच्छारा ने बैंक की वित्तीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि बैंक की अंशपूंजी 95.32 करोड़ रुपये एवं निधियां 158.10 करोड़ रुपये हैं। वर्ष के दौरान बैंक द्वारा 1,251.88 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक ने 11.20 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। इसमें से सदस्यों को 1.25 प्रतिशत की दर से 1.15 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश शासन को 24.75 लाख रुपये का लाभांश प्रदान किया गया।
सभा में सदस्य प्रतिनिधियों ने बैंक की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों पर विचार व्यक्त करते हुए किसानों और सहकारी संस्थाओं से संबंधित विभिन्न सुझाव दिए। प्रतिनिधियों ने किसानों को खाद की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने, सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन शीघ्र कराने तथा किसानों को जमा राशि के अगले ही दिन क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने जैसे सुझाव रखे।
इस अवसर पर चयनित सहकारी संस्थाओं के हितग्राहियों को वायर फेंसिंग के लिए ऋण वितरित किया गया। उत्कृष्ट वसूली कार्य करने वाले संस्था प्रबंधकों तथा अटल पेंशन योजना में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बैंक शाखा प्रबंधकों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, क्रिस योजना के माध्यम से वसूली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित राजस्व अधिकारियों को प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक योगेन्द्र सिंह ने कहा कि शासन द्वारा सहकारिता के माध्यम से विकास के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
सभा में उप आयुक्त सहकारिता मंदसौर राजू डाबर, सहायक आयुक्त सहकारिता नीमच एन.एस. भाटी, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक योगेन्द्र सिंह सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंत में नोडल अधिकारी आयुषी राठौर ने उपस्थित अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। सभा का संचालन सांख्यिकी अधिकारी मुकेश पालिवाल ने किया।