कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस में शनिवार को राधाष्टमी पर्व की शुरुआत भक्तिमय माहौल में दधिकांधा उत्सव के साथ हुई। मिनी वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध कोलारस की कुंज गलियों से सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ निकले। इस दौरान नगरवासियों ने घरों की छतों से श्रद्धालुओं पर दूध, दही और रंगों की बारिश कर उनका स्वागत किया। पूरे नगर में राधे-राधे के जयकारे गूंजते रहे।
राधाष्टमी पर्व को लेकर कोलारस के मंदिरों और प्रमुख मार्गों को फूलों एवं आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। शुक्रवार रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शनिवार सुबह गोपाल जी मंदिर, पंचायती मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही।
दधिकांधा उत्सव के दौरान जैसे ही श्रद्धालुओं का समूह कुंज गलियों से गुजरा, नगरवासियों ने छतों से दूध, दही और रंग बरसाकर उत्सव का आनंद बढ़ा दिया। श्रद्धालु राधा-कृष्ण की भक्ति में झूमते हुए राधे-राधे का जाप करते नजर आए। पूरे नगर में ब्रज जैसा भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
कोलारस में राधाष्टमी को विशेष पर्व के रूप में मनाने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। आयोजन में शिवपुरी जिले के अलावा मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्व के दौरान कोलारस ब्रज की भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा नजर आता है।
शाम 4 बजे निकलेगा भव्य चल समारोह
राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार शाम 4 बजे कोलारस में भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। इसमें भगवान राधा-कृष्ण के विग्रह को विमान में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। चल समारोह में बैंड-बाजे, डीजे, शहनाई और कीर्तन मंडलियां शामिल होंगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
दधिकांधा उत्सव के बाद अब श्रद्धालुओं को शाम के भव्य चल समारोह का इंतजार है। मंदिरों से लेकर बाजारों तक पूरे कोलारस में राधा-कृष्ण की भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।