चित्तौड़गढ़। डीएसटी चित्तौड़गढ़ की टीम ने कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी वांछित आरोपी देवीलाल जाट को डिटेन किया है। आरोपी भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में वांछित था।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। मामले में देवीलाल पिता रामेश्वरलाल जाट निवासी कोलपुरा, थाना कपासन, हाल गौद पुत्र भगवान जाट निवासी बनाकिया खुर्द, थाना कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भीलवाड़ा की ओर से 10 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए डीएसटी की विशेष टीम गठित की गई। इसमें एएसआई सूरज कुमार के साथ कांस्टेबल अरविंद, कृष्णकांत, रामकेश, वीरेंद्र, सुरेश सुंडा, अशोक और जगदीश तथा साइबर सेल के एएसआई राजकुमार शामिल थे।
मुखबिर की सूचना पर कपासन क्षेत्र में घेराबंदी-
19 सितंबर को एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि भीलवाड़ा जिले के आसींद थाने के एनडीपीएस प्रकरण में वांछित 10 हजार का इनामी आरोपी दिन में चारभुजा, राजसमंद से कपासन की ओर आएगा और इसके बाद बनाकिया खुर्द स्थित अपने घर जा सकता है। सूचना के आधार पर डीएसटी टीम कपासन की ओर रवाना हुई और तकनीकी सहायता से आरोपी की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी देवीलाल जाट को पहचान लिया। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने घेराबंदी कर उसे डिटेन कर लिया।
अग्रिम कार्रवाई के लिए भीलवाड़ा पुलिस को सौंपा-
डीएसटी चित्तौड़गढ़ ने आरोपी को नियमानुसार डिटेन कर आसींद थाना पुलिस को सूचना दी। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अग्रिम अनुसंधान एवं वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित भीलवाड़ा पुलिस के सुपुर्द किया गया।